हरिद्वार: जिलाधिकारी (DM) विनय शंकर पाण्डे की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट में जिला स्तरीय पार्किंग समिति की प्रथम बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्थानीय स्तर पर पार्किंग की आवश्यकता का निर्धारण, पार्किंग हेतु भूमि स्थल का चयन, प्रस्तावित भूमि की मुख्य मार्ग से दूरी, पार्किंग की वास्तविक सम्भावित उपयोगिता, पार्किंग से स्थानीय नगर/जनपद की पार्किंग समस्या के निराकरण का आकलन, ऐसे विषयों प्रकरणो, जिन पर उच्च स्तर पर निर्णय लिये जाने की आवश्यकता होगी तथा वर्तमान में जनपद में पार्किंग की स्थिति आदि के सम्बन्ध में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
जिलाधिकारी (DM) विनय शंकर पाण्डेय ने बैठक में कहा कि शहर में जनसंख्या वृद्धि तथा व्यावसायिक एवं पर्यटन से सम्बन्धित गतिविधियों में अप्रत्याशित निरन्तर वृद्धि होने के दृष्टिगत पार्किंग को सुव्यवस्थित, सुदृढ़ एवं नियोजित किया जाना नितान्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार धार्मिक नगरी होने की वजह से यहां वर्षभर देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आवा-गमन होते रहता है, जिसकी वजह से जनपद में वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे मुख्य मार्गों पर वाहनों की पार्किंग, ट्रैफिक जाम तथा पर्यावरण की समस्या भी सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि जगह-जगह पार्किंग बन जाने से पर्यटकों/श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने के साथ ही पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी तथा युवाओं के लिये रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विनय शंकर पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनपद में जहां पर भी पार्किंग विकसित किये जाने की संभावनायें हैं, उसे चिह्नित कर लिया जाये तथा तहसील स्तर पर एक बैठक आयोजित करके वर्तमान में पार्किंग की भौतिक स्थिति क्या है, के सम्बन्ध में यथाशीघ्र एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
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