देहरादून/ऋषिकेश: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत ऋषिकेश पुलिस ने क्षेत्र में हुई दो चोरी की घटनाओं का सफल खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने नशे की लत के चलते वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार 12 अप्रैल 2026 को हरिद्वार रोड स्थित कृष्णा मिष्ठान भंडार के संचालक कपिल कुमार ने दुकान का शटर तोड़कर गल्ले से नकदी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं 23 जून 2026 को देहरादून रोड स्थित न्यू कैलाश मेडिकल हॉल की संचालक विजयलक्ष्मी कोठारी ने मेडिकल स्टोर का ताला तोड़कर नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी होने की सूचना पुलिस को दी थी। दोनों मामलों में कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की। टीम ने घटनास्थलों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया तथा संदिग्धों की लगातार निगरानी की। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने 17/18 जुलाई की रात खांड गांव जाने वाले मार्ग स्थित अंडरपास के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विवेक गोयल (28 वर्ष) निवासी जटवाड़ा मोहल्ला, सोनीपत (हरियाणा) तथा विक्रम (20 वर्ष) निवासी बड़वासनी, सोनीपत (हरियाणा) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 2200 रुपये नकद और चोरी किए गए महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशे तथा अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। चोरी की गई अधिकांश रकम वे नशे और अन्य खर्चों में खर्च कर चुके हैं। पुलिस अब मामले में फरार तीसरे आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक बिनेश कुमार, कांस्टेबल विनीत कुमार और कांस्टेबल हिमांशु कुमार शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ “ऑपरेशन प्रहार” के तहत आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
