शिक्षा मंत्री डॉ रावत के अनुमोदन के उपरांत दूरस्थ क्षेत्रों दी गई प्रथम तैनाती
नये अधिकारियों के आने से विभागीय कार्यों में आयेगी तेजी
देहरादून: विद्यालयी शिक्षा विभाग को 24 नये उप शिक्षा अधिकारी मिल गये हैं। राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित इन उप शिक्षा अधिकारियों को प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्र के विकासखण्डों में प्रथम तैनाती दे दी गई है। इनकी नियुक्ति से विभागीय के कार्यों में तेजी आने के साथ ही प्रशासनिक कार्यों में भी सुधार हो सकेंगे।
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से कुल 48 उप शिक्षा अधिकारियों का चयन हुआ है, जो कि विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणरत हैं। प्रथम चरण में इनमें से 24 उप शिक्षा अधिकारियों को प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्र के विभिन्न विकासखण्डों में प्रथम तैनाती दे दी गई है। जिसमें पौड़ी जनपद में बिनीता रावत को द्वारीखाल, राज कुमार सिंह डसीला को बीरोंखाल, भावना चाहल को जयहारीखाल, कुणाल सिंह को पाबौं, शुभम गुप्ता को खिर्सू, मनीष मोहन नेगी को यमकेश्वर, राजेश परमार को थलीसैण, दीपक लखेड़ा को एकेश्वर, उमेश चंद्र सुयाल को कल्जीखाल विकासखण्ड में तैनाती दी गई है।
इसी प्रकार नैनीताल जनपद में प्रवीण दिगारी को ओखलकाण्डा, परवीन अजहर को रामगढ़ विकासखण्ड में प्रथम तैनाती दी गई। अल्मोड़ा जनपद में राविन्स को सल्ट, अमित राणा को लमगड़ा, मनोज सिंह को भिकियासैंण, चमोली जनपद में अंशिका बिष्ट को नंदानगर, रूबी नेगी को नारायणबगढ़, टिहरी जनपद में दिव्या जोशी को देवप्रयाग, आशुतोष राणा को जाखणीधार, आयुष बन्धानी को प्रतापनगर, समीक्षा उनियाल को थौलधार, पिथौरागढ़ जनपद में राहुल सिंह रैंसवाल को कनालीछीना, बलवन्त नाथ को मूनाकोट, योगेन्द्र कुमार शर्मा को मुनस्यारी, उत्तरकाशी जनपद में राजन सिंह ठाकुर को पुरोला विकासखण्ड में तैनाती दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षणरत शेष उप शिक्षा अधिकारियों को भी शीघ्र तैनाती दी जायेगी। उन्होंने कि कहा कि नव नियुक्त उप शिक्षा अधिकारियों की तैनाती से दूरस्थ क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी साथ ही विभागीय कार्यों में भी तेजी आयेगी।
बयान
“प्रथम चरण में शिक्षा विभाग के 24 उप शिक्षा अधिकारियों को दूरस्थ क्षेत्रों में प्रथम तैनाती दे दी गई है। शीघ्र ही शेष अधिकारियों को भी तैनाती प्रदान की जायेगी। नये उप शिक्षा अधिकारियों की तैनाती से विभागीय कार्यों में तेजी आने के साथ ही प्रशासनिक व्यवस्थाओं में भी और अधिक सुधार होगा। इससे विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी और इसका सीधा लाभ प्रदेश के नौनिहालों को मिलेगा।”
— डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड
