CM नीतीश कुमार से MLC ब्रजवासी ने की बड़ी मांग, मुजफ्फरपुर बने उपराजधानी

मुजफ्फरपुर: सीएम नीतीश कुमार ने शुक्रवार को मुजफ्फरपुर में विकास कार्यों का जायजा लिया और करीब साढ़े आठ सौ करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बड़ी मांग कर दी। मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौप कर उन्होंने मुजफ्फरपुर को बिहार की उप राजधानी घोषित करने एवं मुजफ्फरपुर शहर में उच्च न्यायालय की बेंच स्थापित करने की मांग की है।

उन्होंने कहा है कि सरकार भली-भांति अवगत हैं कि ब्रिटिश काल से ही मुजफ्फरपुर उत्तर बिहार में शासन का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां बाबा गरीबनाथ विराजित हैं। झारखंड विभाजन के बाद मुजफ्फरपुर बिहार के देवघर के रूप में भी जाना जाता है। लीची और आम के उत्पादन के लिए मुजफ्फरपुर की ख्याति पूरी दुनिया में है। क्षेत्रफल और जनसंख्या के आधार पर भी मुजफ्फरपुर जिला राज्य में अग्रणी स्थान रखता है। उत्तर बिहार में सर्वाधिक कल-कारखाने मुजफ्फरपुर में ही स्थित हैं। वस्त्र उद्योग के लिए मुजफ्फरपुर का सूतापट्टी बिहार के मैनचेस्टर के रूप में जाना जाता रहा है।

एमएलसी ने का कि उत्तर बिहार का सबसे पुराना विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर में ही अवस्थित है। यह आज भी पटना के बाद राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शैक्षणिक केंद्र है। साहित्य और संस्कृति की बात करें तो मुजफ्फरपुर शहर बिहार में साहित्यिक- सांस्कृतिक राजधानी की भूमिका निभाता रहा है। यहां राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर, महाकवि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री, कलम के जादूगर साहित्यकार और समाजवादी नेता रामवृक्ष बेनीपुरी सरीखे महान विद्वान हुए हैं जिनकी स्मृतियां यहां के कण-कण में रची बसी हैं। यह धरती स्वतंत्रता आंदोलन के समय भी देश के स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों का केंद्र रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों राज्य के अन्य जिलों में जिस अनुपात में बड़ी प्रशासनिक इकाइयां एवं संस्थाओं की स्थापना की गई उस अनुपात में मुजफ्फरपुर जिला लाभान्वित नहीं हो सका है। लंबे अरसे से मुजफ्फरपुर के लोगों की भावना रही है कि मुजफ्फरपुर को बिहार की उप राजधानी घोषित कर इसे उत्तर बिहार के प्रमुख प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।