नई दिल्ली: IIT मद्रास के प्रारंभिक विश्लेषण के अनुसार, देश में COVID-19 संक्रमण की वर्तमान लहर अगले 14 दिनों में 6 फरवरी तक चरम पर पहुंचने की सम्भावना है। अध्ययन में यह भी निष्कर्ष निकाला गया है कि भारत का आर-मूल्य, बताता है कि COVID-19 कितनी तेजी से फैल रहा है, 14 जनवरी से 21 जनवरी तक सप्ताह में घटकर 1.57 हो गया है। आर-वैल्यू (R-Value) दर्शाता है कि एक संक्रमित व्यक्ति कितने लोगों को वायरस ट्रांसफर कर सकता है।
14 जनवरी से 21 जनवरी के बीच आर-वैल्यू 1.57 दर्ज किया गया था, जबकि यह संख्या 7-13 जनवरी के सप्ताह में 2.2 और 1-6 जनवरी से 4 पर और पिछले साल 25-31 दिसंबर से 2.9 दर्ज की गई थी।
आंकड़ों से पता चलता है कि चेन्नई का आर-वैल्यू 1.2, मुंबई का 0.67, दिल्ली का 0.98 और कोलकाता का 0.56 था। यदि यह वैल्यू 1 से नीचे चली जाती है, तो माना जाता है कि महामारी समाप्त हो गई है।
आईआईटी मद्रास में गणित विभाग के सहायक प्रोफेसर, जयंत झा, ने कहा कि मुंबई और कोलकाता का आर-वैल्यू दर्शाता है कि वहा पीक खत्म हो गया है और यह स्थानिक होता जा रहा है जबकि दिल्ली और चेन्नई के लिए यह अभी भी 1 के करीब है। झा ने आगे कहा कि उनके विश्लेषण के अनुसार, अगले 14 दिनों में 6 फरवरी तक कोरोनावायरस पीक आने की संभावना है।
प्रारंभिक अध्ययन IIT मद्रास के गणित विभाग और कम्प्यूटेशनल गणित और डेटा विज्ञान के उत्कृष्टता केंद्र द्वारा प्रो नीलेश एस उपाध्याय और प्रोफेसर एस सुंदर की अध्यक्षता में कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग द्वारा आयोजित किया गया था।
