लोगों का पसंदीदा पर्यटन स्थल बना जम्मू-कश्मीर, आजादी के 75 साल बाद रिकॉर्ड टूरिस्ट पहुंचे

दिल्ली: आजादी के अमृत महोत्सव में जम्मू-कश्मीर ने नई उपलब्धि हासिल कर ली है। दरअसल, इन दिनों कश्मीर लोगों का सबसे पसंदीदा टूरिस्ट प्लेस बन गया है। यही वजह है कि इस साल यानि जनवरी, 2022 से अब तक रिकॉर्ड 1.62 करोड़ टूरिस्ट ने जम्मू कश्मीर की यात्रा की, जो आजादी के 75 साल में सबसे ज्यादा है।

कश्मीर पर्यटन के स्वर्ण युग की वापसी

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से केंद्र सरकार लगातार बदलाव की कोशिश कर रही है। जम्मू कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने की भी कोशिश कर रही है। जो लगभग सफल भी साबित हो रही है। पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि यह कश्मीर पर्यटन के स्वर्ण युग की वापसी है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में पर्यटन रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत है। पर्यटन ने पुंछ, राजौरी, जम्मू और कश्मीर घाटी सहित जम्मू और कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में अधिकतम रोजगार पैदा किया है। खास बात ये है कि इस बार आए पर्यटक केवल कश्मीर व जम्मू तक सीमित नहीं रहे, बल्कि राजौरी-पुंछ जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भी पर्यटक काफी अधिक संख्या में पहुंचे।

जम्मू-कश्मीर में टूरिस्टों को मिल रही सुविधा

आजादी के इतने साल बाद पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सीधा मतलब है विकास से। अनुच्छेद 370 हटने और केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर का लगातार विकास हो रहा है…कनेक्टिविटी के लिए सड़क, रेल और हवाई मार्ग पर विशेष फोकस है।

यही वजह है कि पिछले 70 सालों से लोग जम्मू-कश्मीर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की मांग कर रहे थे… जिसके देखते हुए पीएम मोदी ने श्रीनगर से शारजाह के लिए सीधी उड़ान शुरू की। इससे पहले श्रीनगर और जम्मू से भी रात में कोई उड़ान नहीं होती थी और अब दोनों शहरों से रात की उड़ानें भी शुरू हो चुकी है।

फिल्म शूटिंग के लिए भी बन रहा बेस्ट स्पॉट

पिछले कुछ समय में जम्मू-कश्मीर एक बार फिर फिल्म शूटिंग के लिए बेस्ट पिकनिक स्पॉट बनकर उभरा है। इसके लिए हाल ही में दशकों के बाद फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए आकर्षित करने हेतु एक व्यापक फिल्म नीति शुरू की गई और इस नीति की अधिसूचना के एक साल के भीतर फिल्मों और वेब-सीरीज के लिए 140 शूटिंग अनुमतियां जारी की गई हैं। जल्द ही अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त फिल्म स्टूडियो शुरू किया जाएगा। यह जम्मू और कश्मीर की युवा प्रतिभाओं को नए अवसर प्रदान करने के अलावा, केंद्र शासित प्रदेश के व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देगा।

जम्मू और कश्मीर में 75 ऑफबीट पर्यटन स्थलों पर काम

वैसे स्थानीय प्रशासन भी यहां पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु कई अन्य मॉडल और योजनाएं भी शुरू कर रहा है। ग्रामीण पर्यटन भी लोगों को काफी लुभा रहा है, और प्रसाशन इसके विकास पर काफी ध्यान दे रहा है। आजादी का अमृत महोत्सव समारोह के हिस्से के रूप में जम्मू और कश्मीर में 75 ऑफबीट पर्यटन स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है।बता दें कि इससे पहले 3.65 लाख अमरनाथ यात्रियों सहित रिकॉर्ड तोड़ 20.5 लाख पर्यटकों ने इस साल के पहले 8 महीनों में कश्मीर का दौरा किया। पहलगाम, गुलमर्ग, और सोनमर्ग जैसे पर्यटन स्थलों के साथ-साथ श्रीनगर के सभी होटलों और गेस्टहाउस में 100 प्रतिशत व्यस्तता देखी गई।

बेहतरीन सुविधाएं मुहैया कराने के लिए व्यापक तंत्र

जम्मू और कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र को सतत विकास लक्ष्यों की दृष्टि के अनुसार विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, आतिथ्य खंड को मजबूत करने और एक मजबूत पर्यटन बुनियादी ढांचा प्रणाली स्थापित करने के लिए भी समर्पित ध्यान दिया जा रहा है।

सरकार सार्वजनिक और निजी निवेश के माध्यम से अत्याधुनिक संसाधनों के विकास की दिशा में काम कर रही है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने जम्मू-कश्मीर की पर्यटन क्षमता के प्रभावी परिवर्तन के लिए पांच-आयामी दृष्टिकोण अपनाया है। कॉरपोरेट गोल्फरों, पर्यटकों और खाने-पीने के शौकीनों को बेहतरीन सुविधाएं मुहैया कराने के लिए एक व्यापक तंत्र बनाया जा रहा है।

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