‘One Nation One Application’ पर देश की सभी विधानसभाओं को जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस दिशा में संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली के अशोक होटल में 24-25 मई को राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (National e-Vidhan Application) पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान कानून और न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार); संसदीय कार्य और संस्कृति राज्य मंत्री, अर्जुन राम मेघवाल ने NeVA पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन सत्र की अध्यक्षता की। इस कार्यशाला का उद्देश्य सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों के विधानमंडलों को NeVA प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना और प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से सदन की कार्यवाही के संचालन में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को शामिल करना रहा।
NeVA कैसे कर रहा काम ?
NeVA राज्य विधानसभाओं के कामकाज को कागज रहित बनाकर सभी 37 विधानसभाओं को ‘वन नेशन वन ऐप्लिकेशन’ पर एकीकृत करने का कार्य कर रहा है। यह राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत 44 मिशन मोड परियोजनाओं में से एक है। NeVA के माध्यम से राज्यों में ज्ञान साझा करने और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने में मदद मिल रही है।
डिजिटल भविष्य
पीएम मोदी ने देश के लिए डिजिटल भविष्य की कल्पना करते हुए कहा था कि इस लक्ष्य को तभी प्राप्त किया जा सकता है, जब सभी इसके प्रति कर्तव्य की मानसिकता के साथ मिलकर काम करें। कर्तव्य की भावना को आगे बढ़ाने के लिए ही NeVA को विकसित किया गया है। NeVA एक एकीकृत और आपस में जुड़ा हुआ राष्ट्रीय पोर्टल है जो ‘वन नेशन, वन एप्लिकेशन’ को प्रदर्शित करता है। भविष्य में इससे न केवल विधायक बल्कि सभी लोगों को लाभ होगा।
संसद के कामकाज में लाएगा क्रांतिकारी बदलाव
NeVA वास्तव में भारत के लोकतंत्र और भारत की विधायिकाओं और संसद के कामकाज में क्रांतिकारी बदलाव लाने का कार्य भी कर रहा है। यह प्रभावी ढंग से कार्बन फुटप्रिंट और विधायिका के काम के लिए हो रहे कागज के उपयोग की वजह से अक्षमता को कम करेगा। NeVA राष्ट्र के विकास के लिए सामूहिक रूप से काम करने के लिए सभी विधायकों को जोड़ने वाले ‘वन नेशन, वन टेक्नोलॉजिकल बैकबोन’ के सिद्धांत को भी प्रदर्शित करता है।
अब तक किन्हें मिल चुकी NeVA की सेवा ?
ज्ञात हो, अब तक 21 राज्य विधानसभाओं ने NeVA के कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर लिए हैं और 17 विधानसभाओं के लिए परियोजना को मंजूरी देकर परियोजना के कार्यान्वयन के लिए उन्हें धन जारी कर दिया गया है। इनमें से नौ विधान मंडल पहले से ही पूरी तरह डिजिटल हो चुके हैं और NeVA प्लेटफॉर्म पर लाइव हैं। वे अपना शुरू से अंत तक हर कार्य डिजिटल और पेपरलेस तरीके से कर रहे हैं।
हाल ही में सम्पन्न हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में छह सत्र हुए। पहला सत्र ‘डिजिटल हाउस के लिए एक मंच के रूप में NeVA’ पर हुआ। विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले उन नौ विधानमंडलों के प्रतिनिधियों द्वारा अनुभव साझा करने पर एक सत्र हुआ जो NeVA के माध्यम से लाइव हो चुके हैं। एक सत्र सीपीएमयू, NeVA टीम की तरफ से ‘नेवा के कार्यान्वयन के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदम’ पर आयोजित किया गया।
वहीं राष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे दिन एक सत्र “NeVA: सुशासन के लिए उभरती प्रौद्योगिकी के साथ तालमेल बिठाने” को लेकर हुआ। इसमें गूगल इंक., माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम के तीन प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने ‘एआई’ जैसी उभरती नवीनतम तकनीकों पर अपने विचार और मार्गदर्शन व्यक्त किए। इसने NeVA के सभी हितधारकों की समकालीन जरूरतों को पूरा करने के लिए दिशा दिखाने के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन राज्यों से आग्रह किया गया जो पहले से ही NeVA से जुड़े हुए हैं, ताकि वे सुशासन प्रदान करने के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ तालमेल बिठा सकें।
NeVA के मॉड्यूल
इसके बाद तकनीकी टीम ने NeVA के 17 मॉड्यूल के बारे में प्रस्तुति दी, जो पहले ही लागू हो चुके हैं। तत्पश्चात, नेवा परियोजना के कार्यान्वयन से उत्पन्न होने वाले किसी भी संदेह और मुद्दों को हल करने के लिए प्रश्न और उत्तर सत्र के लिए सदन ओपन किया गया जिसमें प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
