देहरादून: भारत सरकार की नीति आयोग की ओर से चलाए जा रहे आकांक्षी जनपद कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड के दो जिलों उधम सिंह नगर और हरिद्वार को सम्मानित किया गया. शुक्रवार को मुख्य सेवक सदन में सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां मुख्यमंत्री ने नीति आयोग भारत सरकार से मिले प्रशस्ति पत्र एवं पदकों से आकांक्षी जनपद कार्यक्रम और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों और विकासखंडों को सम्मानित किया.
इस दौरान मुख्यमंत्री ने Uttarakhand at 25: A Himalayan State With Infinite Possibilities पुस्तक का विमोचन भी किया. बता दें कि नीति आयोग की ओर से आकांक्षी जनपद कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके तहत तय मानकों को पूरा करने में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उत्तराखंड के उधम सिंह नगर और हरिद्वार जिले को पुरुस्कृत किया गया.

आकांक्षी जनपद कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी.
इन विकासखंडों को भी किया गया सम्मानित: इसके साथ ही आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के तहत गदरपुर, मोरी और स्याल्दे विकासखंडों को भी पुरस्कृत किया गया. कार्यक्रम के तहत देशभर के 112 जिलों में से उत्तराखंड के 2 जिलों (हरिद्वार एवं उधम सिंह नगर) को आकांक्षी जनपद के रूप में चयनित किया गया था.
इन कार्यक्रमों के लिए मिला इनाम: उधम सिंह नगर जिले को जुलाई 2019 में देश के सभी आकांक्षी जिलों में शिक्षा एवं नवंबर 2020 में वित्तीय समावेशन और कौशल विकास के क्षेत्र में दूसरा स्थान मिला. उधम सिंह नगर जिले को अगस्त 2021 में कृषि क्षेत्र में तीसरा स्थान मिला और जुलाई 2022 में कृषि क्षेत्र में पहला स्थान मिला.
इसी तरह हरिद्वार जिले को जुलाई 2019 में सभी आकांक्षी जिलों में प्रथम स्थान मिला और जून 2022 में बुनियादी सुविधा के क्षेत्र में पहला स्थान मिला. हरिद्वार जिले ने जुलाई 2022 में सभी आकांक्षी जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया और जुलाई 2022 में स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में दूसरा स्थान प्राप्त किया. नीति आयोग की ओर से जनवरी 2023 में आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था.
देश के 500 विकास खंडों का चयन किया गया था: कार्यक्रम के तहत देश के 500 विकास खंडों का चयन किया गया. उत्तराखंड के कुल 6 विकासखण्ड यानि हरिद्वार से बहादराबाद, पौड़ी गढ़वाल से दुगड्डा, उत्तरकाशी से मोरी, उधम सिंह नगर से गदरपुर, अल्मोड़ा से स्याल्दे और बागेश्वर से कपकोट को आकांक्षी विकासखंड के रूप में चयनित किया गया. नीति आयोग ने जनपदों और विकास खण्डों को 6 संकेतकों को संतृप्तिकरण (Saturation) किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया था. ऐसे में प्रदेश के चयनित विकासखंडों में से 3 आकांक्षी विकास खण्डों की ओर से अधिक संकेताकों को श्रेष्ठ प्रर्दशन करते हुए संतृप्तिकरण किया गया है.
कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने कहा कि आकांक्षी जिला और आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक विकास और वित्तीय समावेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काफी सुधार किए गए हैं.
सीएम ने कहा ये गर्व का विषय है कि इस योजना के तहत नीति आयोग की ओर से जारी आकांक्षी जनपदों की रैंकिंग में हरिद्वार जिले को साल 2022 में देश में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त हुआ है. वहीं, विकासखंडों की श्रेणी में गदरपुर, मोरी और स्याल्दे सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश का समग्र विकास हो रहा है.
सीएम ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए साल 2023 में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया था. इस समिट में 3.56 लाख करोड़ से अधिक के एमओयू साइन हुए थे, जिसमें से एक लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग भी हो चुकी है. साथ ही उद्योगों के लिए लाइसेंसिंग प्रोसेस को आसान बनाते हुए सिंगल विंडो सिस्टम को विकसित किया गया है.
स्वरोजगार योजनाएं संचालित की गई: राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक जिला दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाएं संचालित हैं.
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में प्रदेश अचीवर्स श्रेणी में रहा: हाउस ऑफ हिमालयाज के जरिए पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने का काम किया जा रहा है. देश की तमाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग्स में प्रदेश का शानदार प्रदर्शन रहा है. नीति आयोग की ओर से जारी सतत् विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में प्रदेश अचीवर्स श्रेणी में रहा.
बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 फीसदी की कमी: सीएम ने कहा प्रदेश कि बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 फीसदी की कमी लाकर, राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है. भारत सरकार के राज्य खनन तत्परता सूचकांक में उत्तराखंड को श्रेणी-सी में देश में दूसरा स्थान मिला, जो संसाधनों के पारदर्शी और सक्षम प्रबंधन का प्रमाण है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सिंगल विंडो सिस्टम को टॉप अचीवर्स श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है. पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं. बेस्ट वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन एवं बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन के राष्ट्रीय पुरस्कारों ने देवभूमि को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित किया है. राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024 में जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया.
मुख्यमंत्री ने कहा सही नीयत, नेक इरादे और दृढ़ संकल्प होने पर ही हम अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा सकते हैं. नीति आयोग ने साल 2018 में आकांक्षी जनपद कार्यक्रम शुरू किया गया था.
ASPIRATIONAL DISTRICTS PROGRAMME
UDHAM SINGH NAGAR AWARD
HARIDWAR AWARD
आकांक्षी जनपद कार्यक्रम
NITI AAYOG
