पिटकुल बनायेगा खुरपिया फार्म में 400 के०वी० सबस्टेशन

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सचिवालय स्थित कार्यालय में पॉवर ट्रासमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लि० (पिटकुल) के गतिमान परियोजनाओं की प्रगति सम्बन्धी समीक्षा बैठक ली गयी। साथ ही आगामी 10 वर्षों की कार्ययोजना पर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (ऊर्जा), प्रबन्ध निदेशक, पिटकुल एवं अन्य सचिवों के साथ गहन चर्चा की गयी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के त्वरित विकास एवं प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु पर्याप्त ऊर्जा का उत्पादन, पारेषण एवं सुचारू रूप से वितरण प्राथमिक जरूरत है। प्रदेश के विकास को अनवरत गति प्रदान करने के लिए ऊर्जा की भूमिका व्यापक होती है। प्रदेश में निर्माणाधीन पारेषण परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने में और केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा उत्तराखण्ड प्रदेश हेतु अनुमोदित 10 वर्षो की पारेषण कार्य योजनाओं को धरातल में उतारने की दिशा में आ रही राजस्व भूमि, राजकीय विभागो एवं वन भूमि हस्तांतरण सम्बन्धी बाधाओं को दूर करने हेतु प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निश्चित समयावधि के अन्तर्गत प्रकरणों के त्वरित निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया। निजी भूमि क्रय एवं दर निर्धारण हेतु भी जिलाधिकारियों को प्रचलित प्रक्रियाओं के अनुसार मूल्य निर्धारण समिति के माध्यम से प्रकरणों का निस्तारित करने के निर्देश दिये गये।

जिलाधिकारियों को उच्च विभव की लाईनों को बिछाने एवं टॉवरों को खड़ा करने में मार्गाधिकार सम्बन्धी बाधाओं का प्रस्ताव विभागों के साथ समन्वय कर निस्तारित करने हेतु आदेश दिये गये। जिलाधिकारी, बागेश्वर एवं पौडी को क्षतिपूरक वनीकरण हेतु उपयुक्त भूमि के चिन्हिकरण एवं वन विभाग के पक्ष में नामान्तरण हेतु भी निर्देशित किया गया। सभी प्रभागीय वनाधिकारियो को सम्बन्धित प्रस्तावक विभाग एवं जिलाधिकारियों के साथ समन्वय कर वन भूमि हस्तान्तरण प्रस्ताव को 7 से 10 दिन के भीतर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के परिवेश पोर्टल पर अपलोड कर अनुश्रवण करने के निर्देश दिये गये।

कुमायूँ मण्डल में विद्युत की बढ़ती माँग, औद्योगिक क्षेत्रों के विकास तथा पारेषण तंत्र को सुदृढ़ करने हेतु बहुप्रतीक्षित 400 के0वी0 उपसस्थान, खुरपिया फार्म के कार्य को शीघ्र अतिशीघ्र प्रारम्भ करने के लिए पिटकुल, ऊर्जा विभाग एवं औद्योगिक विकास विभाग को निर्देशित किया गया। सचिव, औद्योगिक विकास विभाग, विनय शंकर पाण्डे द्वारा अवगत कराया गया कि पिटकुल एवं ऊर्जा विभाग के साथ 400 के0वी0 उपसंस्थान निर्माण हेतु खुरपिया फार्म में 15 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराया जाना तथा अंश पूँजी के रूप में रू0 90.70 करोड़ पिटकुल को देने पर पूर्व में सहमति बन चुकी है। प्रबन्ध निदेशक, पिटकुल द्वारा अवशेष रू0 188.16 करोड़ अंशपूँजी की माँग दृढता से रखी गयी। 400 के0वी0 उपसंस्थान, खुरपिया फार्म सम्पूर्ण कुमाऊँ मण्डल में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास एवं प्रदेश में निवेशकों के लिए नियोजन का रास्ता प्रशस्त करेगा। साथ ही घरेलू एवं व्यवसायिक उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तायुक्त निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री द्वारा पिटकुल एवं उत्तराखण्ड पॉवर कारपोरेशन लि० को आगामी कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत पारेषण एवं वितरण तंत्र को अक्टूबर, 2026 से पूर्व सुदृढ़ करने, उपसंस्थानों एवं लाईनों की क्षमता में विस्तार करने हेतु निर्देशित किया गया।

प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी गयी है, उनका विशेष एवं समयबद्ध अनुश्रवण करते हुए निश्चित समयावधि में परियोजनाओं को पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया। जिला हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर के ए० टी० एण्ड टी० हानियों को लेकर चिन्ता प्रकट करते हुए प्रबन्ध निदेशक, उत्तराखण्ड पॉवर कारपोरेशन लि० को निर्देशित किया गया कि सर्किल एवं डिविजन स्तर पर निर्धारित दक्षता कार्य सकेतक (KPI) के अनुसार नियममित समीक्षा कर सख्त कार्यवाही अमल में लाये। साथ ही उनके द्वारा निर्देशित किया गया कि जीरो टॉलेरेन्स नीति के अन्तर्गत विद्युत चोरी में लिप्त कार्मिकों के विरूद्ध अनिवार्य सेवानिवृत्ति एवं बर्खास्तगी की कार्यवाही करें।

ए.डी.बी., आर.ई.सी, पी.एफ.सी. एवं अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा पोषित निर्माणाधीन उपसंस्थानों आराघर, सेलाकुई, धौलाखेड़ा, खटीमा, लोहाघाट, मंगलौर, घनसाली, पीपलकोटी, बनबसा एवं ब्रहमवारी (रुद्रपुर) सबस्टेशनों की समीक्षा करते चालू वर्ष में पूर्ण कर ऊर्जीकृत करने पर जोर दिया गया।

पिटकुल द्वारा प्रस्तावित जलवायु अनुकूलन परियोजनाओं के क्रियान्वयन तथा ए.डी.बी. से वित्त पोषण हेतु भारत सरकार के आर्थिकार्य विभाग, वित्त मंत्रालय को सन्दर्भित करने हेतु निर्देशित किया गया। पिटकुल के गतिमान परियोजनाओ के अतिरिक्त एडीबी वित्त पोषण हेतु प्रस्तावित 66 के0वी0 नन्दप्रयाग, 132 के0वी0 बहादराबाद, भिकियासैंण, कपकोट एवं 400 के0वी0 कोटद्वार उपसंस्थानों हेतु भूमि सम्बन्धी प्रकरणों को एक सप्ताह के अन्दर सम्बन्धित प्रभागीय वनाधिकारी प्रस्तावक विभाग एवं जिलाधिकारी परस्पर समन्वय कर निस्तारित करेंगे।

आने वाले 6 माह में गतिमान कार्यों कोयुद्ध स्तर पर निष्पादित करते हुए, योजनाओं का लाभआजमन तक पहुँचाना सुनिश्चित करें। विलम्ब की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों एवं कार्मिकों पर सख्त कार्यवाही करना सुनिश्चित करेंगे। पिटकुल द्वारा गत 5 वर्षों में नेट प्रॉफिट, नेटवर्थ एवं डिविडेन्ट में किये गये अनवरत् उन्नयन के दृष्टिगत मुख्यमंत्री द्वारा ऊर्जा विभाग एवं प्रबन्ध निदेशक, पिटकुल व समस्त कार्मिकों को बधाई ज्ञापित की गयी।

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में आनन्द बर्द्धन मुख्य सचिव, आर०के० सुधांशु प्रमुख सचिव (वन), डा० आर० मीनाक्षी सुन्दरम् प्रमुख सचिव (ऊर्जा एवं नियोजन), विनय शंकर पाण्डे सचिव (औद्योगिक विकास), पंकज पाण्डे सचिव (लोक निर्माण), पुरुषोत्तम सचिव (पशुपालन),  सी० रवि शंकर सचिव (वन), रन्जन कुमार मिश्रा हॉफ, पी०सी० ध्यानी प्रबन्ध निदेशक, पिटकुल, श्री अनिल कुमार प्रबन्ध निदेशक, उपाकालि,  सन्दीप सिघल प्रबन्ध निदेशक, यूजेवीएनएल, जी०एस० बुदियाल निदेशक पिटकुल एवं एम०आर० आर्या निदेशक, उपाकालि आदि मौजूद थे।