सुखवंत सुसाइड केस, काठगोदाम ट्रांसफर हुई FIR, पीड़ित परिवार से संपर्क नहीं करेगी उधम सिंह नगर पुलिस

हल्द्वानी: काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह के आत्महत्या मामले की जांच कर रही एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) आज शनिवार 17 जनवरी को हल्द्वानी पहुंची. एसआईटी ने घटना स्थल यानी उस होटल का भी निरीक्षण किया, जहां सुखवंत सिंह ने आत्महत्या की थी. होटल से एसआईटी ने साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन किया और प्रारंभिक जानकारी जुटाई.

काठगोदाम थाने में ट्रांसफर हुई FIR: IG नीलेश आनंद भरणे ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि काशीपुर के आईटीआई थाने में दर्ज FIR को अब काठगोदाम थाने में ट्रांसफर कर दिया गया है, ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और दबावमुक्त तरीके से की जा सके.

पीड़ित परिवार से बातचीत नहीं करेगी उधम सिंह नगर पुलिस: उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उधम सिंह नगर पुलिस मृतक सुखवंत के परिवार से किसी भी प्रकार का संपर्क या बातचीत नहीं करेगी. इसके साथ ही मृतक के घर पर पहले से तैनात उधम सिंह नगर पुलिस की सुरक्षा हटाकर अब किसी अन्य जिले की पुलिस फोर्स को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे परिवार पर किसी तरह का दबाव न बने.

कल सुखवंत सिंह के घर जाएगी एसआईटी: उन्होंने बताया कि SIT की टीम रविवार को काशीपुर स्थित मृतक के घर जाएगी और परिजनों से मुलाकात कर उनके बयान दर्ज करेगी. इसके अलावा घटना से जुड़े वीडियो फुटेज में नजर आ रहे सभी पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे. वीडियो में सामने आए हर पहलू की तकनीकी और कानूनी जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी.

जानिए पूरा मामला: दरअसल, काशीपुर निवासी सुखवंत सिंह ने 10 जनवरी की रात नैनीताल के गौलापार इलाके में स्थित एक होटल में सुसाइड किया था. सुसाइड करने से पहले सुखवंत सिंह ने एक वीडियो भी बनाया था. वीडियो में सुखवंत सिंह ने बताया कि उसके साथ जमीन खरीदने के नाम पर करीब चार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई है.

सुखवंत सिंह के भाई की तहरीर पर पुलिस ने काशीपुर के आईटीआई थाने में 26 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है. हालांकि सभी 26 आरोपियों की गिरफ्तारी पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. इस मामले में शासन स्तर से मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए थे.

मजिस्ट्रेट जांच की जिम्मेदारी कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को पास है. इसके अलावा पुलिस मुख्यालय से कुमाऊं आईजी के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया था. साथ ही उधम सिंह नगर एसएसपी द्वारा एक एसआईटी का गठन कर मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे, लेकिन पुलिस मुख्यालय द्वारा दोनों एसआईटी को रद्द करते हुए आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे के नेतृत्व में पांच सदस्य नई एसआईटी का गठन किया गया था, जो अब इस मामले में जांच कर रही है.