देहरादून: प्रदेशभर के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में नवाचार पर विशेष फोकस किया जायेगा, ताकि शिक्षक-शिक्षिकाओं को बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को नवाचार संबंधी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रत्येक डायट में शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी ट्रेनिंग भी अनिवार्य रूप दी जायेगी। इसके अलावा माॅडल डायट के निर्माण कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये हैं।
सूबे के शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय स्थित समग्र शिक्षा सभागार में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नवाचार पर विशेष फोकस करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यशालाओं में पारंपरिक तरीकों की जगह आधुनिक तकनीकों एवं नवाचार को अपनायाा जाय, ताकि शिक्षक एवं शिक्षिकाएं शैक्षणिक कार्यों में नवाचार अपनाकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। इसके लिये डा. रावत ने सभी डायटों के प्राचार्यों को नवाचार संबंधी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये। डाॅ. रावत ने कहा कि एससीईआरटी व डायटों में होने वाले प्रशिक्षण कार्यशालाओं में नशामुक्ति, पर्यावरण, सोशल इमोशनल लर्निंग व नैतिकता पर विशेष सत्र आयोजित किये जाय, साथ ही शिक्षकों को मेंटल हेल्थ की ट्रेनिंग अनिवार्य रूप से दी जाय, ताकि शिक्षक बच्चों में तनाव के संकेतों को आसानी से पहचान सके और छात्रों की मानसिक सेहत से जुडी दिक्कतों को दूर किया जा सके। इसके अलावा उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पद्मश्री पुरस्कारों से सम्मानित व्यक्तियों, साहित्यकारों, लेखकों, अभिभावकों व ग्राम प्रधानों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिये।
बैठक में डाॅ. रावत ने डायट्स को विभिन्न प्रशिक्षण क्षेत्रों में शैक्षणिक उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में विकसित किये जाने को लेकर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में अलग-अलग डायट्स को कक्षा-01 से 08 तथा कक्षा-09 से 12 तक विभिन्न विषय आवंटित किये गये हैं, जिसमें सामाजिक अध्ययन, राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी, मनोविज्ञान, परिवेशीय अध्ययन, भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान, शैक्षिक तकनीकी आदि विषय शामिल हैं। डॉ. रावत ने वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2025-26 में स्वीकृत मॉडल डायट के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माणाधीन कार्य अगले तीन माह के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय बजट का समयबद्ध एवं पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी
बैठक में विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कोण्डे, निदेशक एससीईआरटी वंदना गब्र्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा के.एस. रावत, अपर निदेशक बेसिक शिक्षा पदमेन्द्र सकलानी, उप निदेशक जे.पी. काला सहित सभी डायट्स के प्राचार्य व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
