टिहरी झील में तूफान से फ्लोटिंग हट्स क्षतिग्रस्त, SDRF ने 30 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला

टिहरी: टिहरी में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान ने टिहरी झील में स्थापित फ्लोटिंग हट्स को भारी नुकसान पहुंचाया। तूफान की तीव्रता के चलते फ्लोटिंग हट्स की जेटी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे पूरा ढांचा दो हिस्सों में बंट गया। घटना के समय हट्स में ठहरे पर्यटकों के बीच अफरा-तफरी मच गई, लेकिन समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।

सूचना मिलते ही State Disaster Response Force (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और तत्परता दिखाते हुए करीब 30 पर्यटकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

रविवार को प्रभारी जिलाधिकारी/सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने फ्लोटिंग हट्स की जेटी को हुए नुकसान का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि एसडीएम कमलेश मेहता के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित की गई है, जो फ्लोटिंग हट्स की विस्तृत सेफ्टी ऑडिट करेगी। समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही इनका संचालन दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता, तहसीलदार धीरज राणा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी सोबत सिंह राणा, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार, सीओ चंद्र मोहन सिंह और SDRF के अधिकारी भी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि हाल ही में जबलपुर के बरगी डैम में तेज आंधी-बारिश के बीच नर्मदा नदी में एक क्रूज पलटने से बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। टिहरी में भी हालात कुछ इसी तरह के बने, लेकिन SDRF और प्रशासन की मुस्तैदी के चलते समय रहते सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया और एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

यह घटना पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करती है, वहीं प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई राहत का बड़ा कारण बनी।