विश्व बैंक प्रतिनिधिमंडल ने सराहा इछाड़ी बांध का कार्य, एमडी के नेतृत्व की तारीफ

देहरादून: उत्तराखंड में विश्व बैंक की भागीदारी वाली जल विद्युत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु विश्व बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय दल, बैंक के वैश्विक निदेशक (जल) सरोज झा के नेतृत्व में, यूजेवीएन लिमिटेड की इछाड़ी बांध परियोजना के निरीक्षण पर पहुंचा। इस दौरान दल ने विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित बांध पुनर्वास एवं सुधार परियोजना (Dam Rehabilitation and Improvement Project-DRIP) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

 

विश्व बैंक के इस प्रतिनिधिमंडल में डॉ. सुमिला गुल्यानी (प्रैक्टिस मैनेजर – साउथ एशिया), कार्मेन रोजा यी-बतिस्ता (लीड वाटर स्पेशलिस्ट), डेविड मैल्कम लॉर्ड (लीड वाटर स्पेशलिस्ट), मैथ्यूज मुल्लाकल (सीनियर वाटर स्पेशलिस्ट), विशाखा झा (वाटर स्पेशलिस्ट) तथा चाबुंगबाम राजगोपाल सिंह (सीनियर वाटर रिसोर्सेज स्पेशलिस्ट) शामिल थे।

यूजेवीएन लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा प्रतिनिधिमंडल को इछाड़ी बांध पर DRIP के प्रथम एवं द्वितीय चरणों के अंतर्गत कराए गए कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। प्रतिनिधिमंडल द्वारा बांध के फाउंडेशन गैलरी का निरीक्षण किया गया, जिसके रखरखाव एवं प्रबंधन की विशेष सराहना की गई। साथ ही, बांध की विभिन्न संरचनाओं पर स्थापित उपकरणों की कार्यप्रणाली का भी निरीक्षण किया गया, जिसमें टीम पूर्णतः संतुष्ट दिखाई दी।

निरीक्षण के दौरान दायें तट पर कराए गए स्लोप ट्रीटमेंट कार्यों की भी विशेष प्रशंसा की गई। टीम द्वारा DRIP के दोनों चरणों के अंतर्गत किए गए कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्ध प्रगति की सराहना की गई। साथ ही, भूकंप एवं अन्य दैवीय आपदाओं की स्थिति में प्रभावी संचालन हेतु तैयार किए गए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की प्रस्तुति को भी टीम ने सुदृढ़ एवं व्यावहारिक पहल बताया।

समीक्षा बैठक के दौरान कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, समयबद्ध क्रियान्वयन एवं सतत विकास के पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

विश्व बैंक के वैश्विक निदेशक (जल) सरोज झा ने विशेष रूप से यूजेवीएन लिमिटेड के नव नियुक्त प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात अल्प अवधि में परियोजनाओं में आई तीव्र गति, प्रभावी प्रबंधन, त्वरित निर्णय क्षमता एवं परिणामोन्मुखी कार्यशैली संस्थान की कार्यकुशलता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि नए नेतृत्व के तहत संगठन ने उल्लेखनीय ऊर्जा एवं दिशा प्राप्त की है, जो परियोजनाओं की समयबद्ध एवं गुणवत्तायुक्त प्रगति में परिलक्षित हो रही है।

प्रतिनिधिमंडल ने यूजेवीएनएल की कार्य संस्कृति, तकनीकी दक्षता एवं समर्पित टीम भावना की भी सराहना की तथा इसे अन्य परियोजनाओं के लिए अनुकरणीय बताया। निरीक्षण के दौरान यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक (परियोजनाएं) सुरेश चन्द्र बलूनी, अधिशासी निदेशक (वित्त) सुधाकर बडोनी, अधिशासी निदेशक (जनपद) राजीव अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि यूजेवीएन लिमिटेड भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ DRIP सहित अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तायुक्त रूप से पूर्ण करेगा तथा राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।